, April 18 -- वर्ष 1979 में यश चोपड़ा के ही बैनर तले बनी फिल्म नूरी में पूनम को काम करने का अवसर मिला। बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की कामयाबी ने न सिर्फ उन्हें बल्कि एक्टर फारूख शेख को भी स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। फिल्म नूरी की सफलता के बाद पूनम ने यह निश्चय किया कि वह फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेस के रूप में ही अब अपनी पहचान बनाएंगी।पूनम ढिल्लों ने इसके बाद राजेश खन्ना के साथ 'रेड रोज', जितेन्द्र के साथ 'निशाना' और राजकपूर के बैनर तले बनी फिल्म बीबी और बीबी में काम किया लेकिन ये फिल्में असफल हो गईं। पूनम का करियर डूबने लगा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपना संघर्ष जारी रखा। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ फिल्म दर्द और कुमार गौरव के साथ फिल्म तेरी कसम में काम किया। इन फिल्मों की सफलता के बाद वह अभिनेत्री के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गईं।

वर्ष 1988 में पूनम ने निर्माता अशोक ठकारिया के साथ शादी कर ली। शादी के बाद पूनम ने फिल्मों में काम करना कम कर दिया। नौ साल की शादी के बाद पूनम ढिल्लों ने तलाक ले लिया। पूनम ढिल्लों ने बॉलीवुड में वैनिटी वैन का चलन शुरू किया। उन्होंने 1991 में 25 वैनिटी वैन भारत में लॉन्च की थीं। इससे पहले, अभिनेत्रियाँ अक्सर शूटिंग सेट पर झाड़ियों के पीछे कपड़े बदलती थीं. पूनम ढिल्लों ने एक कंपनी के साथ मिलकर इन वैनिटी वैन को लॉन्च किया, जो फिल्म उद्योग में एक नई अवधारणा थी।

साल 1997 में रिलीज फिल्म जुदाई से उन्होंने अपने करियर की दूसरी पारी शुरू की। वर्ष 1995 में पूनम ढिल्लो ने दर्शको की पसंद को देखते हुये छोटे पर्दे का भी रूख किया और अंदाज और किटी पार्टी जैसे धारावाहिकों में काम करके दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया 1 इन सबके साथ ही बिगबॉस के तीसरे सीजन में उन्होंने हिस्सा लिया जिसमें वह तीसरे स्थान पर चुनी गयी ।

फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद पूनम सामाजिक कार्यो में दिलचस्पी लेने लगी। उन्होंने शराब विमुक्ति, एड्स और परिवार नियोजन जैसे कई सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेकर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है।

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