, Feb. 21 -- वर्ष 1959 में प्रदर्शित फिल्म ..सुजाता .. नूतन के सिने कैरियर के लिये मील का पत्थर साबित हुयी। फिल्म में नूतन ने अछूत कन्या के किरदार को रूपहले पर्दे पर साकार किया। इसके साथ ही फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिये वह अपने सिने कैरियर में दूसरी बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गयी। वर्ष 1963 में प्रदर्शित फिल्म बंदिनी भारतीय सिनेमा जगत में अपनी संपूर्णता के लिये सदा याद की जायेगी। फिल्म में नूतन के अभिनय को देखकर ऐसा लगा कि केवल उनका चेहरा ही नही बल्कि हाथ पैर की उंगलिया भी अभिनय कर सकती है।इस फिल्म में अपने जीवंत अभिनय के लिये नूतन को एक बार फिर से सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्म फेयर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।
सुजाता,बंदिनी और दिल ने फिर याद किया जैसी फिल्मों की कामयाबी के बाद नूतन ट्रेजडी क्वीन कही जाने लगी। अब उनपर यह आरोप लगने लगा कि वह केवल दर्द भरे अभिनय कर सकती हैं लेकिन छलिया और सूरत जैसी फिल्मों में अपने कॉमिक अभिनय कर नूतन ने अपने आलोचको का मुंह एक बार फिर से बंद कर दिया।वर्ष 1965 से 1969 तक नूतन ने दक्षिण भारत के निर्माताओं की फिल्मों के लिये काम किया। इसमे ज्यादातर सामाजिक और पारिवारिक फिल्में थी ।इनमें गौरी,मेहरबान,खानदान,मिलन और भाई-बहन जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल है ।
वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म सरस्वती चंद्र की अपार सफलता के बाद नूतन फिल्म इंडस्ट्री की नंबर वन नायिका के रूप मे स्थापित हो गयी।वर्ष 1973 में फिल्म सौदागार में नूतन ने एक बार फिर से अपने अविस्मरणीय अभिनय किया। अस्सी के दशक में नूतन ने चरित्र भूमिकांए निभानी शुरू कर दी और कई फिल्मों मे ..मां ..के किरदार को रूपहले पर्दे पर साकार किया।इन फिल्मों मे मेरी जंग.नाम और कर्मा जैसी खास तौर पर उल्लेखनीय है। फिल्म मेरी जंग के लिये में अपने सशक्त अभिनय के लिये नूतन सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित की गयी।
फिल्म ..कर्मा ..में नूतन ने अभिनय सम्राट दिलीप कुमार के साथ काम किया। इस फिल्म में नूतन पर फिल्माया यह गाना ..दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिये ..श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। नूतन की प्रतिभा केवल अभिनय तक ही नही सीमित थी वह गीत और गजल लिखने में भी काफी दिलचस्पी लिया करती थी। नूतन को सिने कैरियर में पांच बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।लगभग चार दशक तक अपने सशक्त अभिनय से दर्शको के बीच खास पहचान बनाने वाली यह महान अभिनेत्री 21 फरवरी 1991 को इस दुनिया को अलविदा कह गयी।
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