श्रीनगर , अक्टूबर 05 -- जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को युवा पीढ़ी से कहा कि वे आज की चुनौतियों- जैसे जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी और टिकाऊ खेती के लिए नये समाधान विकसित करते समय पिछली कामयाबियों से प्रेरणा लें।
उपराज्यपाल ने शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसकेयूएएसटी) कश्मीर द्वारा आयोजित भारतीय कृषि अभियंता संघ (आईएसएई) के 60वें सालाना सम्मेलन को संबोधित करते हुए सम्मेलन के विषयों - 'स्मार्ट खेती में महिलाओं के नेतृत्व वाले इंजीनियरिंग नवाचार' और 'जेन जी खेती के लिए एआई और रोबोटिक्स' के महत्व पर ज़ोर दिया।
उन्होंने कहा कि ये विषय भारत के उस बदलाव को दिखाते हैं जिसमें देश ने खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों से उबरकर वैश्विक कृषि में नेतृत्व की भूमिका अपनाई है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर अपनी समृद्ध कृषि विरासत और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति के कारण ऐसी चर्चाओं के लिए सबसे उपयुक्त जगह है।
उपराज्यपाल ने 1960 में आईएसएई की शुरुआत के बाद से कृषि इंजीनियरिंग के सफ़र पर बात करते हुए याद किया कि कैसे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने मशीनीकरण और नवाचार के ज़रिए हरित क्रांति में योगदान दिया, जिससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सका।
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