मुंबई , फरवरी 16 -- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में उस वक्त एक दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश की मिट्टी से जुड़े दो अलग-अलग पीढ़ियों के कलाकार एक-दूसरे से मिले।
एक ओर भोजपुरी सिनेमा और संगीत का लोकप्रिय चेहरा मनोज तिवारी थे, तो दूसरी तरफ नई पीढ़ी के बॉलीवुड स्टार सिद्धांत चतुर्वेदी थे, लेकिन जड़ें दोनों की एक और शहर है बनारस। यूँ तो सिद्धांत चतुर्वेदी बलिया के हैं, लेकिन उनका बनारस प्रेम किसी से छुपा नहीं है।
गौरतलब है कि इन दोनों की यह मुलाक़ात बेहद आत्मीय और अनौपचारिक माहौल में हुई। दोनों ने बनारस की गलियों, घाटों और वहां की संस्कृति को याद करते हुए लंबी बातचीत की। ठेठ बनारसी अंदाज़, हंसी-मज़ाक और देसी तड़का, इस मुलाक़ात में सब कुछ शामिल था।
जहां 'गली बॉय' से अपनी अलग पहचान बनानेवाले सिद्धांत अक्सर अपनी जड़ों पर गर्व जताते रहे हैं, वहीं मनोज तिवारी भी कई मंचों से बनारस की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते रहे हैं। ऐसे में जब दो बनारसिया लखनऊ में मिले, तो बातचीत का केंद्र भी स्वाभाविक रूप से अपनी मिट्टी और संगीत ही बना।
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