जालना , सितंबर 14 -- मराठा आरक्षण आंदोलन कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने कहा है कि वह अपने आंदोलन के तहत 15 सितंबर को अकेले मुंबई जाएंगे। उन्होंने समर्थकों से साथ नहीं आने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।

श्री जरांगे ने समर्थकों को संबोधित करते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार आंदोलन के दौरान टकराव की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रही है, ताकि किसी भी हिंसा का दोष मराठा समुदाय पर डाला जा सके।

उन्होंने कहा, "हमें भी इस कदम का उतनी ही रणनीति से जवाब देना होगा। उन्होंने त्योहारों को अनुमति नहीं देने का कारण बनाया है और वे रैली में अपने लोगों को भेजकर टकराव पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद इसका दोष मराठों पर डाल दिया जाएगा।"उन्होंने कहा कि वह 15 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे अंतरवाली सराटी से निकलेंगे और पहले से तय योजना के अनुसार सड़क मार्ग से मुंबई जाएंगे। पहले की तरह बड़े पैमाने पर लोगों के जुटने के बजाय इस बार उनके साथ केवल एक वाहन रहेगा और अधिकतम दो वाहन वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर रखे जाएंगे।

श्री जरांगे ने बताया कि एहतियात के तौर पर दो एंबुलेंस भी उनके साथ रहेंगी। इस तरह उनके काफिले में अधिकतम चार वाहन होंगे।

उन्होंने कहा कि उनके साथ केवल पांच से 10 लोग जाएंगे और उन्होंने अन्य समर्थकों से मुंबई नहीं आने की अपील की।

उन्होंने कहा, "मैं अकेले मुंबई जाऊंगा। आप लोगों को नहीं आना चाहिए। मैं देखना चाहता हूं कि अगर मैं अकेले जा रहा हूं तो क्या मुझे अनुमति दी जाती है। बाद में मैं आपको बताऊंगा कि आपको मुंबई कब आना है।"श्री जरांगे ने समर्थकों से अपने इस फैसले से निराश नहीं होने की अपील करते हुए कहा कि यह कदम समुदाय के हित में है और आरक्षण की मांग के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन को लेकर लगायी गयी पाबंदियों और आपत्तियों के बावजूद मुंबई जाने का उनका फैसला नहीं बदला है।

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