रायपुर , फरवरी 04 -- ) छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अंतर्गत अंबिकापुर क्षेत्र में स्थित मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बीते 25 वर्षों के दौरान विद्युत अधोसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। सीमित भौगोलिक क्षेत्रफल के बावजूद जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में व्यापक विकास कार्य किए गए हैं।
वर्ष 2000 में यह क्षेत्र अविभाजित कोरिया जिले का हिस्सा था, जिसका कुल क्षेत्रफल 6228 वर्ग किलोमीटर था। सितंबर 2022 में कोरिया से अलग होकर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला अस्तित्व में आया, जिसका वर्तमान भौगोलिक क्षेत्रफल 4227 वर्ग किलोमीटर है। इसके बावजूद बिजली वितरण व्यवस्था का लगातार विस्तार हुआ है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2000 में जिले में कुल विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 21,209 थी, जो बढ़कर अब 1,08,637 हो गई है। इस अवधि में उच्च दाब उपभोक्ता 15 से बढ़कर 37, निम्न दाब उपभोक्ता 9,505 से 57,549, बीपीएल कनेक्शन 3,562 से 22,679, घरेलू कनेक्शन 7,999 से 27,213 तक पहुंच गए हैं। वहीं, सिंचाई पंप उपभोक्ताओं की संख्या 128 से बढ़कर 1,159 हो गई है। इस प्रकार 25 वर्षों में कुल विद्युत उपभोक्ताओं में लगभग 600 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
विद्युत अधोसंरचना की बात करें तो जिले में वर्तमान में 132/33 केवी का एक उपकेंद्र कार्यरत है। 33/11 केवी उपकेंद्रों की संख्या 4 से बढ़कर 13 हो गई है। पावर ट्रांसफार्मरों की संख्या 5 से बढ़कर 18 तथा वितरण ट्रांसफार्मर 276 से बढ़कर 3,018 हो चुके हैं। इसी तरह उच्च दाब लाइनों की लंबाई 734 किलोमीटर से बढ़कर 3,718 किलोमीटर और निम्न दाब लाइनों की लंबाई 368 किलोमीटर से बढ़कर 3,429 किलोमीटर हो गई है।
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