मनेन्द्रगढ़ , जनवरी 19 -- केंद्र सरकार की अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में सोमवार को 'मोतियाबिंद मुक्त भारत' अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस पहल का प्रमुख लक्ष्य ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के वरिष्ठ नागरिकों को मोतियाबिंद जैसी गंभीर नेत्र समस्या से मुफ्त उपचार दिलाकर उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है। स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं स्थानीय प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत विशेष नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इन शिविरों में 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों का संपूर्ण नेत्र परीक्षण किया जाएगा। जिन लाभार्थियों में मोतियाबिंद की पुष्टि होगी, उनका चयन निःशुल्क शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) के लिए किया जाएगा। ऑपरेशन के बाद आवश्यक दवाएं व अनुवर्ती देखभाल भी निशुल्क प्रदान की जाएगी। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच दायित्वों का स्पष्ट बंटवारा किया गया है। स्वास्थ्य विभाग चिकित्सकीय जांच व ऑपरेशन की व्यवस्था करेगा, जबकि समाज कल्याण विभाग लाभार्थियों के पंजीकरण व पहचान का कार्य संभालेगा।

स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी शिविरों का प्रचार-प्रसार करने एवं लाभार्थियों के आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की रहेगी। जनपद पंचायतों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से वाहनों का प्रबंध किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहला शिविर 20 जनवरी 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरतपुर में लगेगा। इसके उपरांत 22 जनवरी 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेन्द्रगढ़ और 23 जनवरी 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में शिविर आयोजित होंगे।

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