वाराणसी , मई 4 -- उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में मनीष सिंह हत्याकांड की वजह से सुर्खियां बनी हुई हैं। फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में 26 अप्रैल की रात को दोना-पत्तल के कारोबारी मनीष सिंह की मामूली विवाद में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार अभियुक्तों मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति एवं अभिषेक उर्फ बुद्धू को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि मुख्य पांच अभियुक्त अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने फरार चल रहे इन अभियुक्तों पर इनाम की राशि 25-25 हजार से बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रकरण में शेष पांच वांछित अभियुक्तों में आशीष राजभर पुत्र मुकुंद राजभर, मनीष राजभर पुत्र मुकुंद राजभर, दीपक राजभर पुत्र दिलीप राजभर, गोविंद राजभर पुत्र जंगाली राजभर तथा नागेंद्र राजभर पुत्र जंगाली राजभर शामिल हैं। ये सभी घमहापुर गांव के निवासी हैं।
ये सभी घटना वाली रात से लगातार फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। फरार अभियुक्तों को शरण देने वाले पांच लोगों को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया है।
हत्याकांड के बाद से ही मृतक मनीष सिंह के घर राजनीतिक दलों के नेताओं का आना-जाना लगा हुआ है। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ मनीष सिंह की पत्नी को सरकारी नौकरी और दो करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय परिजनों से मिल चुके हैं।
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