मुंबई , जुलाई 16 -- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने शिक्षाविद एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को अपनी पार्टी का पूर्ण समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा की है।
श्री वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दो सप्ताह से अधिक समय से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
श्री वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए श्री ठाकरे ने सरकार की चुप्पी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने हजारों छात्रों की दुर्दशा को नजरअंदाज करने का रास्ता चुना है और उनकी वास्तविक शिकायतों का समाधान करने के बजाय कार्यकर्ताओं तथा युवाओं के भविष्य की "बलि" दे रहा है।
राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर एक अपील में श्री ठाकरे ने जनता से सोशल मीडिया पर केवल लाइक और शेयर करने की "आभासी दुनिया" से बाहर निकलने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समाज का शिक्षित और जागरूक वर्ग चुप रहा, तो देश उदासीनता के एक खतरनाक दौर में फिसल जायेगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय संकट है, जिसके लिए छात्र समुदाय के भविष्य की पवित्रता की रक्षा करने हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित