जालंधर , जनवरी 21 -- आम आदमी पार्टी (आप) कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) कानून में किये गये बदलाव के विरोध में बुधवार को जिला उपायुक्तालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा न केवल पंजाब के हक के फंड रोके गये हैं, बल्कि राज्य के विकास कार्योंमें भी जानबूझकर रुकावटें डाली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सशक्त बनाने और उद्योगों को बढ़ावा देने को लेकर केंद्र सरकार के बड़े-बड़े वादे आज तक पूरे नहीं हुये हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर बैंक के अध्यक्ष पवन कुमार टीनू और जिला अध्यक्ष जालंधर शहरी अमृत पाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून को कमजोर करना देश के गरीब मजदूरों के मुंह से रोटी छीनने के बराबर है। उन्होंने सवाल किया कि जब राज्यों की जीएसटी पहले ही केंद्र सरकार के पास जाती है, तो राज्य सरकारें यह 40 प्रतिशत हिस्सा कहां से लाएंगी।

मनरेगा में किये जा रहे बदलावों की कड़ी निंदा करते हुए आप नेताओं ने कहा कि भाजपा की यह नयी मजदूर-विरोधी नीति एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर इसे 'वीबी जी राम जी एक्ट' कर दिया है और इसके तहत लिए जा रहे फैसले बेहद खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के बजट में लगातार कटौतियां कर गांवों की अर्थव्यवस्था को तबाह किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा का 100 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता था, लेकिन अब इसे 60-40 के अनुपात में बांट दिया गया है। अब 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशतराज्य सरकारों को देना होगा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भाजपा सरकार नाम बदलने की राजनीति के जरिए असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है, लेकिन आम आदमी पार्टी इस तरह की चालों को कभी सफल नहीं होने देगी। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक पंजाब को उसका हक नहीं मिलता और केंद्र सरकार अपनी गरीब-विरोधी नीतियों में बदलाव नहीं करती, तब तक आम आदमी पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

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