चंडीगढ़ , जुलाई 15 -- पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने खन्ना की सन सिटी कॉलोनी में मनरेगा के कच्चे मजदूरों पर पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे भगवंत मान सरकार की तानाशाही कार्रवाई बताया है।
श्री रंधावा ने बुधवार को कहा कि मनरेगा मजदूर पिछले आठ महीनों से अपने बकाया वेतन की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत की कमाई मांगने वाले गरीब मजदूरों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह राज्य सरकार के दमनकारी रवैये को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूर कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद के आवास के बाहर शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी मांगें सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल किया। रंधावा के अनुसार पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी मजदूर घायल हुए, जबकि महिलाओं और बुजुर्गों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस सांसद ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि नरेगा मजदूरों का आठ महीने से लंबित वेतन तुरंत जारी किया जाये। साथ ही घटना की न्यायिक जांच करायी जाये और निर्दोष मजदूरों पर बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये।
श्री रंधावा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उनके न्याय की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी।
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