चंडीगढ़ , जून 27 -- पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब सरकार पर किसानों और मनरेगा मजदूरों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया और कहा है कि जिस वीबी जी रामजी योजना का विरोध करने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था, उसी योजना को अब बिना किसी चर्चा के चुपचाप राज्य में लागू कर दिया गया है।

श्री रंधावा ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान स्पष्ट करें कि यदि पहले यह योजना पंजाब और राज्यों के अधिकारों के खिलाफ थी, तो अब ऐसा क्या बदल गया कि सरकार ने इसे लागू कर दिया। उन्होंने इसे लाखों मनरेगा मजदूरों के रोजगार के साथ समझौता बताते हुए कहा कि पंजाब की जनता इस यू-टर्न का जवाब चाहती है।

उन्होंने कथित यूरिया घोटाले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाने वाले यूरिया का औद्योगिक इस्तेमाल बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने दावा किया कि मिल्कफेड के खन्ना स्थित कैटल फीड प्लांट से 1,340 बैग और मार्कफेड के कपूरथला स्थित प्लांट से 300 बैग तकनीकी ग्रेड यूरिया बरामद हुआ है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर हुई इस गड़बड़ी में संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों, निजी कंपनियों तथा संबंधित विभागों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अब यह स्वीकार कर रही है कि इस अभियान के दौरान छह जवान शहीद हुए थे, तो देश को यह बताया जाये कि यह जानकारी 13 महीने 17 दिन तक क्यों छिपायी गयी। उन्होंने कहा कि 28 जुलाई 2025 को संसद में सरकार ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी भी जवान को नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने पूछा कि यदि अब सच्चाई कुछ और है तो देश और शहीदों के परिवारों से यह तथ्य इतने लंबे समय तक क्यों छिपाया गया। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने की मांग की।

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