रांची , फरवरी 05 -- झारखंड में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी- लेनिनवादी(भाकपा माले) के राज्य सचिव कॉमरेड मनोज भक्त ने आज कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा को सुनियोजित तरीके से खत्म कर दिया है।
श्री भक्त ने कहा कि यह गरीबों से रोजगार का कानूनी अधिकार छीनने का सीधा मामला है। बजट कटौती, काम और भुगतान में बाधाओं के जरिए मनरेगा को निष्क्रिय बनाया जा रहा है। इसकी जगह लाई गई विबीग्रामजी योजना एक छलावा है, जिसमें न रोजगार की गारंटी है और न मजदूरों के अधिकारों की कोई सुरक्षा।
श्री भक्त ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे करोड़ों मजदूर, दलित, आदिवासी और गरीब परिवारों की आजीविका जुड़ी है। केंद्र सरकार की नीतियों के कारण बेरोजगारी, पलायन और गरीबी बढ़ रही है।
श्री भक्त ने मांग की कि झारखंड विधानसभा में हेमंत सरकार केंद्र पर दबाव बनाने के लिए मनरेगा को वापस पूर्ण रूप से लागू करने का प्रस्ताव पारित कराए। साथ ही विबीग्रामजी योजना को रद्द करने और राज्य में मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन की स्पष्ट गारंटी सुनिश्चित की जाए।
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