देवरिया , फरवरी 14 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया में कांग्रेस ने कहा है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को उसके मूल स्वरूप में बहाल कराने के लिए पार्टी सड़क से संसद तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

शनिवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय शेखर मल्ल 'रोशन' ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज गरीब, मजदूर, किसान, युवा, महिला, दलित और पिछड़ा वर्ग सरकार की नीतियों से त्रस्त है। उन्होंने कहा कि 20 वर्ष पूर्व यूपीए-1 सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू कर संविधान में निहित काम के अधिकार को साकार किया था। ग्राम पंचायतों को गांव स्तर की परियोजनाओं पर निर्णय लेने का अधिकार देकर पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त किया गया था। कोविड-19 महामारी के दौरान यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा साबित हुआ।

रोशन ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस कानून को कमजोर कर समाप्त करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मनरेगा को पूरी तरह उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस का 'मनरेगा बचाओ' अभियान जारी रहेगा।

उन्होंने बताया कि भाजपा के कथित "मजदूर विरोधी" नियमों के विरोध में कांग्रेस ने 3 जनवरी से देशव्यापी 'मनरेगा बचाओ संग्राम' शुरू किया है। पिछले एक महीने में प्रदेशभर में 5000 से अधिक 'मनरेगा बचाओ चौपाल' आयोजित की जा चुकी हैं तथा 13 फरवरी को सभी 75 जनपदों में पदयात्रा निकाली गई।

रोशन ने कहा कि आंदोलन के दूसरे चरण में 17 फरवरी को लखनऊ में विधानसभा घेराव किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में लखनऊ कूच करेंगे और राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार तक अपना विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव संघीय ढांचे को कमजोर करने का प्रयास हैं।

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