रायपुर , जनवरी 11 -- केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म किये जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन रविवार को जोर पकड़ता नजर आया।
रायपुर, कांकेर और बलरामपुर जिलों में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप एक दिवसीय मौन व्रत और उपवास रखा।
रायपुर में पार्टी के राष्ट्रीय 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जगदलपुर में आरोप लगाया कि मोदी सरकार श्रमिकों का रोजगार छीनना चाहती है और नया प्रस्तावित ढांचा योजना को केंद्र-नियंत्रित बनाकर राज्यों पर वित्तीय बोझ डालेगा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, राष्ट्रीय सचिव विजय जांगीड़ तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव सहित अन्य नेता भी विभिन्न जिलों में इस मौन विरोध में शामिल हुए।
कांकेर जिले में गांधी चौक पर आयोजित प्रतीकात्मक उपवास में जिला अध्यक्ष बसंत यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जनहितकारी योजनाओं के नाम बदलने और उन्हें कमजोर करने का काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि 12 से 29 जनवरी तक जिले के सभी ब्लॉकों में धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
वहीं, बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में गांधी प्रतिमा के समक्ष हुए सत्याग्रह को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष हरिहर यादव ने केंद्र की हिस्सेदारी घटाकर 60 प्रतिशत करने और योजना का नाम बदलने को साजिश बताया। उन्होंने कहा कि इससे राज्यों पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा और योजना का क्रियान्वयन मुश्किल हो जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित