नयी दिल्ली , जून 30 -- कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मनरेगा का बकाया तुरंत जारी करने, नयी ग्रामीण रोजगार योजना 'वीबी-जी राम-जी' पर पुनर्विचार करने तथा मजदूरों के हितों की रक्षा करने की मांग की है।

श्री खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर ग्रामीण भारत से काम का अधिकार छीन लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च 2026 तक 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का 17,144.13 करोड़ रुपये बकाया था, जिसमें 7,846.25 करोड़ रुपये मजदूरी देनदारी के हैं और मजदूरों को अब तक उनका भुगतान नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि एक जुलाई से केंद्र राज्यों पर नई योजना 'वीबी-जी राम-जी' लागू कर देगा, जबकि मनरेगा का बकाया अब तक जारी नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नयी योजना में केंद्र सरकार ने अपना वित्तीय योगदान घटाकर राज्यों पर 40 प्रतिशत खर्च का बोझ डाल दिया है, जिससे कई राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ेगा।

श्री खरगे ने कहा कि कई राज्यों ने 60 दिन के 'ब्लैक आउट' प्रावधान, वित्तीय हिस्सेदारी और मजदूरी दरों पर भी आपत्ति जतायी है। उनका कहना था कि कांग्रेस लंबे समय से मनरेगा मजदूरों के लिए 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कम बारिश और खरीफ बुआई में कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संकट गहरा रहा है और ऐसे समय में मनरेगा को समाप्त करना गरीबों, किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन मुद्दों पर जवाब देने की मांग की।

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