पटना , दिसंबर 24 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने बुधवार को कहा कि केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने मनरेगा का नाम विकसित भारत: रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) ( वीबी-जी राम जी) कर दिया है, जो एक बड़ी साजिश है।
श्री पांडेय ने आज यहां बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन (बीकेएमयू) राज्य परिषद की बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि केंद्र की राजग सरकार लगातार खेत मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि राजग सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर मजदूरों के अधिकारों पर हमला किया है। मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी करना एक बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा कि बिहार में फिर से राजग की सरकार बनने के बाद सरकार गरीब उजाड़ो अभियान चला रही है। सरकार पूरे बिहार में गरीब के घर पर बुल्डोजर चला रही है। वैकल्पिक व्यवस्था किये बिना ही गरीबों को उजाड़ा जा रहा है।
श्री पांडेय ने कहा कि मोदी सरकार कल्याणकारी योजनाओं की राशि में कटौती कर अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा जिले के शिवनंदन नगर में 120 दलित परिवारों के घर बुल्डोजर से तोड़ दिए गए। ये परिवार वर्षों से बसे हुए थे। इसी तरह समस्तीपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी, बेगूसराय सहित पूरे बिहार में गरीबों के घर पर बुल्डोजर चलाकर गरीबों के घर तोड़े गए। इस तरह की कार्रवाई कहीं से उचित नहीं है। सरकार का संकल्प है कि भूमिहीनों को उजाड़े जाने से पहले उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी और पांच पांच डिसिमिल भूमि और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जाएगा, लेकिन सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था किये बिना ही गरीबों को उजाड़ रही है।
भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि गरीबों पर कार्रवाई संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। सरकार इस तरह की कार्रवाई के खिलाफ उनकी पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन चलाएगी। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों को दस-दस डिसमल भूमि उपलब्ध कराया जाये। केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना बंद करने की साजिश कर रही है। बिहार में 54 लाख लोगों का नाम राशन कार्ड से हटाया जा रहा है। महंगाई आसमान छूने लगी है। जिसका असर गरीबों की जिंदगी पर पड़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार सभी फैसले गरीब विरोधी ले रही है। खाद्य वस्तुओं की कीमते लगातार बढ़ रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित