भोपाल , अप्रैल 02 -- मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) राज्य की उन महिला क्रिकेटरों को हर महीने वित्तीय मदद देने वाला है, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से मदद पाने के लायक नहीं हैं। यह फैसला सोमवार को एमपीसीए की मैनेजिंग कमिटी की बैठक में लिया गया।

जहां इंटरनेशनल क्रिकेटरों को हर महीने 12,500 रुपये मिलेंगे, वहीं घरेलू खिलाड़ियों को अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से हर महीने 6,000 रुपये से 10,000 रुपये तक की मदद मिलेगी। इस स्कीम में वे क्रिकेटर शामिल हैं जिन्होंने विमेंस क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के साथ-साथ बीसीसीआई को भी रिप्रेजेंट किया है।

75 साल से ज़्यादा उम्र के बेनिफिशियरी के लिए हर महीने एक्स्ट्रा 7,500 रुपये रखे गए हैं। पिछले सालों के कम डॉक्यूमेंटेशन की वजह से, एसोसिएशन के पास अभी तक प्लेयर्स की लिस्ट नहीं है, और पेमेंट एप्लीकेशन के आधार पर किया जाएगा। यह स्कीम 1 अप्रैल से लागू होगी।

यह कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के नए फ़ैसले के मुताबिक है, जिसमें सीनियर महिला नेशनल चैंपियनशिप में कर्नाटक को रिप्रेजेंट करने वाली और 55 साल से ज़्यादा उम्र की महिला क्रिकेटरों को हर महीने 15,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। बंगाल, गुजरात, बड़ौदा और विदर्भ वगैरह के क्रिकेटरों के लिए भी ऐसी ही पेंशन स्कीम हैं।

बीसीसीआई अभी पूर्व इंटरनेशनल महिला खिलाड़ियों को हर महीने 52,500 रुपये की पेंशन देता है। बीसीसीआई की पेंशन पॉलिसी के तहत, 2003 से पहले रिटायर हुई फर्स्ट-क्लास महिला क्रिकेटरों को 45,000 रुपये मिलते हैं, जबकि 31 दिसंबर, 1993 से पहले रिटायर हुए और 25 से ज़्यादा मैच खेलने वाले टेस्ट खिलाड़ियों को 70,000 रुपये दिए जाते हैं। 2003-04 सीजन तक 50-74 मैच खेलने वाली महिलाओं को पेंशन के तौर पर 45,000 रुपये दिए जाते हैं, और 75 से ज़्यादा मैच खेलने वालों को हर महीने 52,500 रुपये दिए जाते हैं।

एमपीसीए कमेटी ने पुरुष क्रिकेटरों और अंपायरों की पेंशन बढ़ाने को भी मंज़ूरी दी। रिटायर्ड पुरुष क्रिकेटर, जो बीसीसीआई पेंशन स्कीम के तहत नहीं आते हैं, उन्हें अब 7,000 रुपये (4 मैच तक खेलने के लिए), 10,000 रुपये (5-14 मैच) और 12,500 रुपये (15-24 मैच) मिलेंगे।

इस बीच, मध्य प्रदेश के रिटायर्ड बीसीसीआई-लेवल अंपायरों को अब 10,000 रुपये पेंशन मिलेगी, जबकि स्टेट-लेवल अंपायरों को 6,500 रुपये हर महीने मिलेंगे। अगर उनकी उम्र 75 साल से ज़्यादा है, तो उन्हें अतिरिक्त 7,500 रुपये मिलेंगे।

अंपायरों, स्कोरर और सिलेक्टर के मानदेय में बढ़ोतरी को भी मंज़ूरी दी गई है। इंटर-डिवीजनल मैचों में अंपायरिंग करने वाले अंपायर अब 5000 रुपये कमाएंगे, स्कोरर को 2500 रुपये हर दिन दिए जाएंगे, जबकि सिलेक्टर को 9000 रुपये दिए जाएंगे। कोच के लिए इंसेंटिव में भी बदलाव किया गया है।

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