वाशिंगटन/यरुशलम , अक्टूबर 22 -- अमेरिका और इजरायल ने तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर नए सैन्य हमले करने की योजनाएं तैयार की हैं।
दोनों देश अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर रहे हैं। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने बुधवार को अमेरिकी अधिकारियों और योजनाओं से अवगत अन्य लोगों के हवाले से यह खबर दी है।
अखबार ने प्रस्तावित अभियान को 'संक्षिप्त लेकिन गहन सैन्य कार्रवाई' बताया है। इसमें हमले की रणनीति का अभ्यास करने के लिए इराक के ऊपर से उड़ान भरने सहित सैन्य अभ्यास किए जा रहे हैं। इराक, ईरान का पश्चिमी पड़ोसी है।
संभावित लक्ष्यों में ईरान के ऊर्जा ठिकाने, परमाणु ठिकाने तथा मिसाइलों एवं ड्रोन का भंडार शामिल हैं। अखबार के हवाले से अधिकारियों ने कहा कि हमलों की एक और बड़ी लहर ईरान की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है और उस पर बातचीत में रियायतें देने का दबाव बना सकती है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को उन रिपोर्टाें को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि वह नए हमलों के लिए दबाव बना रहे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें रोक रहे हैं। श्री नेतन्याहू ने ईरान के मुद्दे पर श्री ट्रंप के साथ हालिया बातचीत का ब्योरा देने से इनकार कर दिया है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि श्री ट्रंप ईरान की तेल अवसंरचना पर हमलों से बचने की कोशिश कर सकते हैं, ताकि ईंधन की कीमतों में और वृद्धि न हो। फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं। संभावित लक्ष्यों में पिकैक्स माउंटेन परमाणु ठिकाना भी शामिल बताया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि श्री ट्रंप अक्टूबर के अंत से पहले हमलों की अनुमति दे सकते हैं, हालांकि इसकी संभावना कम है। वह सैन्य कार्रवाई पूरी तरह टालने का फैसला भी कर सकते हैं। एक सूत्र के अनुसार, श्री ट्रंप के बार-बार रुख बदलने से सैन्य योजनाकारों के लिए स्थिति में रोजाना बड़े बदलाव हो रहे हैं।
अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है और इसकी तैयारियां नवंबर की शुरुआत तक पूरी होने की उम्मीद है। नए हमलों की धमकी का इस्तेमाल ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर तेहरान के साथ बातचीत में दबाव बनाने के लिए भी किया जा रहा है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस सप्ताह की शुरुआत में बिना पूर्व घोषणा के इजरायल का दौरा किया था। उन्होंने क्षेत्रीय खतरों पर चर्चा के लिए श्री नेतन्याहू से मुलाकात की।
रिपोर्ट के अनुसार, श्री नेतन्याहू को 27 अक्टूबर के चुनाव से पहले दोबारा सत्ता में आने की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव में हार से कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में उनके लिए हमलों का आदेश देना मुश्किल हो सकता है।
नए सैन्य अभियान की संभावना उन्हें विपक्षी दलों को राष्ट्रीय एकता सरकार में शामिल करने में मदद भी कर सकती है। ऐसा सात अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में दक्षिणी इजरायल पर हुए हमले के बाद भी हुआ था। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कथित योजनाओं पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं।
ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नए हमलों का जवाब दिया जाएगा। इससे संभावित लक्ष्यों का दायरा वाणिज्यिक जहाजों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे से बढ़कर डेटा केंद्रों तथा समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों तक पहुंच सकता है।
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