मधुबनी, अक्टूबर 04 -- बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड द्वारा मध्यमा परीक्षा 2027 की तैयारी को लेकर रविवार को जिले के सभी संस्कृत उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की बैठक हुई। बैठक में फॉर्म भराने और ऑनलाइन प्रक्रिया की तैयारी की समीक्षा की गई।बैठक का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण से हुआ। जलधारी चौक संस्कृत विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रजापति ठाकुर ने बोर्ड अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा को अंगवस्त्र और पाग देकर सम्मानित किया।

बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने कहा कि मध्यमा 2026 में मधुबनी जिले से बिहार में सर्वाधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। इस बार लक्ष्य संख्या को दोगुना करने का है। उन्होंने कहा कि बिहार में सबसे अधिक संस्कृत विद्यालय मधुबनी में हैं, इसलिए यहां से सहभागिता भी सबसे अधिक होनी चाहिए।उन्होंने प्रधानाध्यापकों से समय-सीमा में अधिक से अधिक फॉर्म भरवाने, नियमित उपस्थिति बढ़ाने और शैक्षणिक माहौल बेहतर करने को कहा। जनवरी-फरवरी में ऑनलाइन प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से संचालित करने की तैयारी है।उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की आधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संस्कृत के संरक्षण को लेकर लगातार प्रयासरत हैं।

बैठक में प्रधानाध्यापकों ने सुझाव भी दिए। प्रजापति ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित