भोपाल , फरवरी 5 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "विकास भी, विरासत भी" के मंत्र को आधार बनाकर मध्यप्रदेश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के पथ पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक लोकों का निर्माण पर्यटन और रोज़गार के नए ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है।

प्रदेश में लगभग 900 करोड़ रुपये की लागत से 20 धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में 580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 17 लोकों पर कार्य प्रगति पर है। सागर में 101 करोड़ रुपये की लागत से संत रविदास लोक, सीहोर के सलकनपुर में देवी लोक तथा ओरछा में श्रीरामराजा लोक निर्माणाधीन हैं। मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ लोक परिसर पूर्ण होकर जनता को समर्पित किया जा चुका है। इसके अलावा भोपाल में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक, जानापाव में भगवान परशुराम लोक और महेश्वर में देवी अहिल्या संग्रहालय पूर्ण हो चुके हैं।

राज्य सरकार ने भविष्य में 315 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तीन नए लोक और दो लोकों के द्वितीय चरण के निर्माण का भी निर्णय लिया है। इनमें ओंकारेश्वर में ममलेश्वर लोक, बैतूल में ताप्ती उद्गम स्थल पर ताप्ती लोक और मैहर में मां शारदा लोक शामिल हैं। साथ ही महेश्वर में देवी अहिल्या लोक तथा अमरकंटक में मां नर्मदा लोक के द्वितीय चरण का निर्माण प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये लोक केवल संरचनात्मक निर्माण नहीं हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा देकर रोज़गार के नए अवसर सृजित करेंगे। प्रधानमंत्री के "वोकल फॉर लोकल" विज़न के अनुरूप ये स्थल हस्तशिल्प, सेवा क्षेत्र और स्थानीय व्यवसायों को नई दिशा देंगे, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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