भोपाल , अक्टूबर 19 -- मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए हाल ही में Rs.22 लाख से अधिक की ठगी की राशि पीड़ितों को वापस कराई है। वहीं, "ऑपरेशन फास्ट" के तहत साइबर ठगी में प्रयुक्त 2,204 फर्जी मोबाइल सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। पिछले माह भी पुलिस ने Rs.97 लाख से अधिक की राशि पीड़ितों को लौटाई थी।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में राज्य के विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों ने साइबर ठगी प्रकरणों में तीव्र और तकनीकी कार्रवाई की। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग समन्वय, ऑनलाइन ट्रेसिंग, सी-डैक प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम पोर्टल की सहायता से Rs.22,34,162 की राशि पीड़ितों को वापस कराई। इनमें पन्ना जिले में Rs.16,70,000, देवास में Rs.3,28,962, शिवपुरी में Rs.1,60,000, टीकमगढ़ में Rs.44,700 और उज्जैन जिले में Rs.30,500 की राशि शामिल है।

इन मामलों में ठगी की रकम साइबरवन एप सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ट्रांजैक्ट की गई थी। पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों और एजेंसियों के सहयोग से राशि सुरक्षित वापस कराई। उल्लेखनीय है कि पिछले माह भी मध्यप्रदेश पुलिस ने ग्वालियर में Rs.50 लाख, बालाघाट में Rs.40 लाख, देवास में Rs.1.79 लाख और खरगोन में Rs.5.59 लाख की राशि वापस कराई थी।

इसी क्रम में "ऑपरेशन फास्ट" अभियान के तहत पुलिस ने साइबर अपराधों में उपयोग किए जाने वाले 2,204 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए। इनमें छतरपुर से 1,220, अनूपपुर से 500, उज्जैन से 352 और कटनी से 132 सिम कार्ड शामिल हैं। इस अभियान का उद्देश्य साइबर फ्रॉड नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचना और भविष्य में ऐसे अपराधों की रोकथाम करना है।

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या कॉल के माध्यम से अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

मध्यप्रदेश पुलिस का यह सतत अभियान नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा और डिजिटल विश्वास को सशक्त बनाने की दिशा में जारी रहेगा।

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