भोपाल , अक्टूबर 03 -- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि मध्यप्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त करने के लक्ष्य के साथ बारीक योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने यह बात भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में कही, जिसमें 11 जिलों के करीब 35 हजार गोपालक शामिल हुए। सम्मेलन में गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता तथा उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया गया।

श्री शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ नशामुक्ति को लेकर बैठक प्रस्तावित थी, जिसमें मध्यप्रदेश को 31 दिसंबर 2029 से पहले नारकोटिक्स से मुक्त करने की योजना पर चर्चा की जानी थी। हालांकि, अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक बाद में निरस्त हो गई और श्री शाह के एक जरूरी बैठक में वर्चुअल रूप से शामिल होने की जानकारी दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं हुई।

श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 75 वर्षों तक केंद्र में अलग सहकारिता मंत्रालय नहीं बनने दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना हुई। उन्होंने कहा कि सहकारी व्यवस्था के माध्यम से दूध बेचने पर गोपालकों को पहले मिलने वाले 35 रुपये की जगह 55 रुपये मिलने की शुरुआत होगी।

उन्होंने कहा कि देश में दूध उत्पादन बढ़ा है और प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी बढ़ी है। श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश समेत उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र देश के प्रमुख दूध उत्पादक राज्यों में शामिल हैं।

श्री शाह ने पशुपालन क्षेत्र में नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान और डेयरी ढांचे के विस्तार पर भी बात की। उन्होंने कहा कि देशभर में 75 हजार डेयरियां बनाने और 46 हजार डेयरियों को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में दूध संग्रहण को 50 लाख लीटर तक ले जाने का लक्ष्य बताया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से दूध संग्रहण बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 12 लाख लीटर दूध का संग्रहण हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य है। उन्होंने सभी 313 विकासखंडों में चयनित वृंदावन गांवों में उन्नत पशुपालकों की प्रतियोगिता कराने तथा प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालकों को क्रमश: एक लाख, 50 हजार और 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुओं के लिए चलित अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। गोशालाओं में अपाहिज गायों के लिए अनुदान राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गोमाता करने की बात भी उन्होंने कही।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से दूध संग्रहण को 50 लाख लीटर तक पहुंचाया जाएगा और सांची के माध्यम से इसका उपयोग किया जाएगा।

सम्मेलन में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन के लिए प्रीतिबाई दांगी, संदीप धाकड़ और राजेश धाकड़ तथा लखपति गोपालक दीदी के रूप में शशिबाई, मनीषा मालवीय, ममताबाई मेवाड़ा, सुषमाबाई और आफरीन को सम्मानित किया गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत धीरज त्रिपाठी और रितु भार्गव को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर श्री शाह ने भेल दशहरा मैदान में नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों का मूल मंत्र न्याय है, दंड नहीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

श्री शाह ने इसके अलावा भोपाल के भौंरी में आईआईएसईआर के अत्रि परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया। उज्जैन के 255 करोड़ रुपये के दूध प्रसंस्करण संयंत्र की क्षमता तीन लाख लीटर प्रतिदिन होगी। भोपाल में 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट तथा राज्य स्तरीय केंद्रीय डेयरी प्रयोगशाला से जुड़े कार्यक्रम भी उनके दौरे का हिस्सा रहे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सांची डेयरी, दूध उत्पादन, पशुओं की संख्या और प्रदेश के कर्ज को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में मुख्यमंत्री और मंत्री आपस में लड़ रहे हैं तथा जनता पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है।

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