भोपाल/मुंबई , अक्टूबर 22 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक, रसायन और दवा निर्माण उद्योगों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार निवेशकों को सरल, पारदर्शी व्यवस्था के साथ आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उद्योगपतियों और वैश्विक निवेशकों को जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री गुरुवार को मुंबई के बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया केम-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। सागर जिले के बीना में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल परियोजना और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन की करीब 49 हजार करोड़ रुपये की एथिलीन क्रैकर एवं रिफाइनरी विस्तार परियोजना से उद्योगों के लिए नए अवसर बनेंगे। बीना में प्रतिवर्ष 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होने की संभावना है।
डॉ. यादव ने कहा कि रायसेन जिले के तामोट में 121 एकड़ और ग्वालियर के बिलौआ में 93 एकड़ क्षेत्र में प्लास्टिक पार्क विकसित किए गए हैं। धार के पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, विजयपुर की गैस प्रसंस्करण इकाइयों, आष्टा की प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल परियोजना और नागदा के औद्योगिक परिसर से भी सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कृषि रसायन, विशिष्ट रसायन, प्लास्टिक प्रसंस्करण और निर्यात आधारित विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों से मध्यप्रदेश में नई इकाइयां स्थापित करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त बिजली, जल, औद्योगिक भूमि, सड़क नेटवर्क, परिवहन सुविधाएं और प्रशिक्षित श्रमशक्ति उपलब्ध है। उनके अनुसार, पिछले पौने तीन वर्षों में प्रदेश को 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि भारत की पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री का आकार लगभग 220 अरब डॉलर है और वर्ष 2040 तक इसे एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार भव्य रसायन पार्क योजना के तहत प्रत्येक पार्क के लिए एक हजार करोड़ रुपये की सहायता देगी। उन्नत पेट्रोकेमिकल और रसायन उद्योगों में शोध एवं विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के फंड का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियों को धरातल पर उतारने में राज्य सरकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इंडिया केम-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री ने वस्त्र, उच्च शिक्षा, रसायन, उर्वरक और फार्मा क्षेत्र के उद्योगपतियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। भीलोस इंडस्ट्रीज की वस्त्र परियोजनाओं में करीब 7,500 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 3,750 रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं। सितारे यूनिवर्सिटी की ओर से देवास के निकट लगभग 40 एकड़ में एआई एवं कंप्यूटर साइंस केंद्रित विश्वविद्यालय परिसर स्थापित करने की योजना पर चर्चा हुई।
मध्य भारत फॉस्फेट प्राइवेट लिमिटेड की मेघनगर में लगभग 350 करोड़ रुपये की एकीकृत उर्वरक परियोजना तथा पूर्वी मध्यप्रदेश में करीब 700 करोड़ रुपये के निवेश से नई इकाई स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। वहीं, ल्यूपिन लिमिटेड ने प्रदेश में लगभग 350 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की संभावनाओं और बल्क ड्रग परियोजना के लिए भूमि उपलब्धता पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को प्रदेश में उद्योगों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंडिया केम-2026 में मध्यप्रदेश की औद्योगिक एवं निवेश संभावनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि तथा उद्योग जगत के अधिकारी उपस्थित रहे। यह आयोजन 24 अक्टूबर तक चलेगा।
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