भोपाल , अगस्त 11 -- मध्यप्रदेश में करीब 60 घंटे से बारिश का दौर जारी है। भोपाल और उज्जैन संभाग में इसका अधिक असर देखा जा रहा है। इन संभागों के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई है। भोपाल में दो दिन में करीब आठ इंच पानी गिर चुका है, जबकि राजगढ़ जिले के ब्यावरा में 24 घंटे में सबसे अधिक करीब नौ इंच बारिश दर्ज की गई।

राजगढ़ जिले के ब्यावरा में नौ इंच, खिलचीपुर में आठ इंच, जीरापुर में 7.7 इंच, राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर में 3.7 इंच, पचोर में 3.7 इंच और सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश हुई। इसी तरह आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच और आगर शहर में 3.6 इंच, शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच तथा शाजापुर शहर में 3.4 इंच बारिश दर्ज की गई। मोमन बड़ोदिया में ढाई इंच, गुना के कुंभराज में 3.7 इंच, मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच तथा उज्जैन के महिदपुर और माकड़ोन में ढाई इंच पानी गिरा।

रायसेन में भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं। सांची रोड स्थित पगनेश्वर और भोपाल रोड की जाखा बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से छोटे पुल डूब गए। कई जगह खेतों में पानी भर गया। भारी बारिश को देखते हुए कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। सेमरा के पीएमश्री हाईस्कूल परिसर में भी पानी भर गया। शिक्षक स्कूल पहुंचे, लेकिन बच्चे नहीं आए।

सीहोर में मूसलधार बारिश के बीच भीलाखेड़ी नदी के पास एक मकान में एक ही परिवार के 10 लोग पानी से घिर गए। ग्रामीणों की मदद से सोमवार शाम सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

नर्मदापुरम में दो दिन से जारी बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया। सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट पहुंच गया। तवा डैम का जलस्तर भी 8.5 फीट बढ़कर 1137.70 फीट हो गया है। यह गवर्निंग लेवल से 22 फीट नीचे है, इसलिए फिलहाल डैम के गेट नहीं खोले जाएंगे।

भोपाल के बड़े तालाब में भी एक दिन में करीब पौन फीट पानी बढ़ा और जलस्तर 1663 फीट पहुंच गया। कोलार, कलियासोत और केरवा डैम में भी एक से दो फीट पानी बढ़ा है। नर्मदा के उफान पर होने से इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर डैम का जलस्तर भी बढ़ा है। उमरिया के जोहिला और आगर-मालवा के कुंडालिया डैम से पानी छोड़ा जा रहा है।

खरगोन में अपरवेदा बांध का जलस्तर बढ़ने पर मंगलवार दोपहर एक गेट आधा मीटर खोला गया और निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया। उमरिया में बारिश के बाद झोझा फॉल का जलस्तर बढ़ गया है और करीब 50 फीट ऊंचाई से पानी गिर रहा है।

बड़वानी जिले में बारिश का वितरण असमान रहा। वरला में 20.74 इंच, चाचरिया पाटी में 18.81 इंच, सेंधवा में 18.48 इंच और राजपुर में 17.04 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि पानसेमल में 7.34 इंच और अंजड़ में 11.48 इंच बारिश हुई। नर्मदा का जलस्तर राजघाट में 133.10 मीटर पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों से गहरे पानी में नहीं जाने की अपील की है।

मंदसौर जिले में पिछले 24 घंटे में 1.56 इंच बारिश दर्ज की गई। जिले में इस वर्ष अब तक 17.36 इंच बारिश हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में करीब दो इंच कम है।

प्रदेश में अब तक औसतन 19 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत 22.5 इंच से करीब 15 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में औसत से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रदेश के 46 जिलों में अब भी औसत से कम बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 10 अगस्त को उत्तर मध्यप्रदेश और आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना था। इससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव और मानसून ट्रफ के केंद्र से गुजरने के कारण प्रदेश में भारी बारिश हुई। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने नए चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में अगले चार दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

मौसम विभाग ने मंगलवार को नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल सहित प्रदेश के कई अन्य जिलों में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।

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