नयी दिल्ली , मार्च 26 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में हुये रोपवे हादसे की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है।

इस हादसे में एक महिला की मौत और 16 लोग घायल हो गये थे। आयोग ने इस मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा मानते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 22 मार्च 2026 को खल्लारी माता मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं की ट्रॉली का रोपवे तार टूटने से ट्रॉली नीचे गिर गई। इस हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 16 अन्य लोग घायल हो गए थे।

आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और महासमुंद जिले के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि रिपोर्ट में घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, इलाज की जानकारी और मृतक के परिजनों व घायलों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का पूरा विवरण शामिल किया जाए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत बचाया गया और बागबाहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल आठ लोगों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।

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