भोपाल , सितंबर 23 -- मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025' के योजनाबद्ध क्रियान्वयन से प्रदेश के ई-मोबिलिटी परिदृश्य में व्यापक बदलाव आया है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2024-25 में पंजीकृत 58,524 ई-वाहनों की तुलना में वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 1,31,158 हो गई, जो 124 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर प्रदर्शित करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने हरित परिवहन तथा ई-मोबिलिटी क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। नीति आयोग द्वारा जारी 'इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025' की रिपोर्ट में प्रदेश में 7वाँ स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2024 के सूचकांक में मध्यप्रदेश 31 अंकों के साथ 23वें स्थान पर था, जो आईईएमआई 2025 के मूल्यांकन में बढ़कर 59 अंक हो गया है। पर्यावरण-अनुकूल विकास एवं सतत परिवहन व्यवस्था को दी गई उच्च प्राथमिकता से ही यह उपलब्धि संभव हो सकी है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार पारदर्शी एवं डिजिटल सेवाओं के लिए 'ईवी तरंग पोर्टल' प्रारंभ किया गया, जिससे नागरिकों तथा उद्योग जगत को ई-मोबिलिटी सेवाओं की सुलभ पहुँच प्राप्त हुई है। प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन को 'ईवी मॉडल सिटी' के रूप में चिह्नांकित कर ई-वाहनों के अनुकूल वातावरण निर्मित किया गया है। राज्य शासन के नीतिगत प्रोत्साहनों के कारण निजी निवेशकों और ऑपरेटरों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार तेजी से संभव हो सका है।

प्रदेश में ई-वाहनों को अपनाने की गति में ऐतिहासिक वृद्धि देखी गई है। राज्य-स्तरीय आँकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में पंजीकृत 58,524 ई-वाहनों की तुलना में वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 1,31,158 हो गई, जो 124 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर प्रदर्शित करती है। प्रदेश में दोपहिया ई-वाहन पंजीयन संख्या 54,108 से बढ़कर 1,06,136 तक पहुँची। तिपहिया ई-वाहन पंजीयन 3,061 से बढ़कर 19,003 दर्ज किए गए। चार पहिया ई-वाहन पंजीयन 1,284 से बढ़कर 3,486 हुए। इसके अतिरिक्त मार्च से सितंबर-की अवधि में 1,00,064 ई-वाहन पंजीकृत किए गए, जो इस अवधि के कुल वाहन पंजीयन (ई-वाहन एवं पारंपरिक ईंधन वाहन) का 10.1 प्रतिशत है।

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