मधुबनी , मार्च 22 -- बिहार सरकार के पूर्व मंत्री समीर कुमार महासेठ ने मधुबनी शहर में अंडरग्राउंड (भूमिगत) बिजली के तार लगाने की प्रक्रिया अब तक शुरु नहीं होने पर चिंता जताई और सरकार से इसे अविलंब पूरा करने की मांग की हैं।

श्री महासेठ ने कहा कि इस कम के लिए कई बार विधानसभा में सवाल भी पुछा गया है, लेकिन प्रगति नही हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में शीघ्र ही कार्य शुरु कर देना चाहिए।

पूर्व मंत्री ने कहा कि भूमिगत बिजली के तार लगाने से बिजली से सुरक्षा बढ़ जाती है और हवा,आंधी,तूफान या ठनका गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होती है। उन्होंने कह कि इसके मेंटनेंस पर कम खर्च के साथ रखरखाव की समस्या कम होती है। भूमिगत बिजली के तार पर मौसम का कोई असर नहीं होता है और आंधी,तूफान एवं तेज हवाओं के दौरान भी बिजली की लाइनें सुरक्षित रहती हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में पोल पर ऊपरी तारों की तुलना में भूमिगत तारों से करंट लगने या आकस्मिक संपर्क का जोखिम कम होता है। ऊपरी तारों से पक्षियों को खतरा होता है। बिजली के तार भूमिगत नही होने पर खेत में बिजली के तार का गिरना भी कई बार जानलेवा बना रहता है। उन्होंने कहा कि भूमिगत बिजली के तार होने से मधुबनी शहर और कॉलोनी में लटकते तारों का मकड़जाल भी खत्म हो जाएगा तथा प्रदूषण कम होगी।

श्री महासेठ ने कहा कि भूमिगत बिजली तार इंस्टॉल होने के बाद इन तारों में बार-बार खराबी नहीं आती है। जिससे लंबे समय में रखरखाव पर खर्च कम आता है। उन्होंने कहा कि बरसात और आंधी के दिनों में खेतों के बीच और आसपास बिजली पोल से लगे बिजली तारों को गिरने से खेतों में काम कर रहे किसान व ग्रामीण करंट के चपेट में आने से मौत की घटना सामने आती रहती है। मधुबनी शहर में भूमिगत बिजली की तार होने का लाभ शहर से सेट ग्रामीण क्षेत्र वासियों को भी मिलेगा।

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