पटना , मार्च 10 -- बिहार की समृद्ध लोककला मधुबनी पेंटिंग को प्रोत्साहित करने तथा शिल्पकारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को 200 पंजीकृत मधुबनी क्राफ्ट के शिल्पकारों के बीच टूलकिट का वितरण किया गया।
इस पहल का उद्देश्य शिल्पकारों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराकर उनकी कला को और अधिक विकसित करना तथा उनकी आजीविका को सुदृढ़ बनाना है।
बिहार सरकार के उद्योग विभाग के नियंत्रणाधीन उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में आयोजित इस कार्यक्रम में टूलकिट का वितरण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय के निदेशक अमन समीर ने किया।
श्री समीर ने इस अवसर पर कहा कि बिहार की पारंपरिक लोककलाएँ राज्य की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मधुबनी पेंटिंग विश्वभर में प्रसिद्ध है और इसे संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टूलकिट के माध्यम से शिल्पकारों को अपने कार्य में सुविधा मिलेगी और वे अधिक गुणवत्ता युक्त उत्पाद तैयार कर सकेंगे।
कार्यक्रम में वस्त्र मंत्रालय के सहायक निदेशक मुकेश कुमार ने कहा कि ऐसे प्रयासों से शिल्पकारों की आय में वृद्धि के साथ-साथ पारंपरिक कलाओं का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मधुबनी पेंटिंग से जुड़े शिल्पकार उपस्थित रहे। सभी शिल्पकारों ने इस पहल के लिए बिहार सरकार के उद्योग विभाग तथा उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।
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