चेन्नई , मई 07 -- तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) संस्थापक एवं अभिनेता-राजनेता जोसेफ विजय के खिलाफ 2015 की फिल्म 'पुली' से जुड़े आयकर विवाद मामले में धनशोधन के आरोपों की जांच कराने तथा प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गयी है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म 'पुली' की रिलीज के बाद शुरू हुई आयकर कार्रवाई में श्री विजय पर आय छिपाने, बेहिसाबी नकद पारिश्रमिक लेने और वित्तीय लेनदेन छिपाने के आरोप लगे थे।
कोडुंगैयूर निवासी एम राजकुमार द्वारा दायर याचिका में आयकर विभाग को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष सभी दस्तावेज रखने का निर्देश देने की भी मांग की गयी है, ताकि यह जांच की जा सके कि क्या इस मामले में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत भी कोई अपराध बनता है।
याचिका को उच्च न्यायालय रजिस्ट्री ने क्रमांकित कर लिया है और इसके शीघ्र "मेंटेनेबिलिटी" के आधार पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किये जाने की संभावना है।
याचिका में कहा गया है कि 30 सितंबर 2025 को आयकर विभाग द्वारा श्री विजय के परिसरों पर की गयी तलाशी में कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे। दस्तावेजों के अनुसार फिल्म निर्माता एसकेटी स्टूडियोज के टी सेल्वाकुमार शिबू से श्री विजय को 16 करोड़ रुपये का भुगतान चेक के माध्यम से तथा 4.93 करोड़ रुपये नकद मिले थे।
आयकर विभाग के अनुसार नकद भुगतान पर टीडीएस जमा नहीं किया गया था। बाद में विजय ने पांच करोड़ रुपये नकद लेने की बात स्वीकार करते हुए उस पर कर चुकाने पर सहमति जतायी थी।
याचिका के अनुसार श्री विजय ने वर्ष 2015-16 के लिए अतिरिक्त 15 करोड़ रुपये की आय घोषित की थी, लेकिन आयकर विभाग ने उनकी कर छूट संबंधी दावों को खारिज करते हुए दिसंबर 2017 में कर योग्य आय 38.25 करोड़ रुपये निर्धारित की थी। विभाग ने यह भी कहा था कि तलाशी में दस्तावेज जब्त नहीं होते तो अतिरिक्त आय घोषित नहीं की जाती।
इसके बाद आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम की दो धाराओं के तहत उन पर जुर्माना लगाया था। श्री विजय ने इसके खिलाफ वैधानिक अपील दायर की थी, जबकि एक जुर्माने को चुनौती देने वाली उनकी रिट याचिका फरवरी 2026 में एकल पीठ ने खारिज कर दी थी।
इसके खिलाफ दायर उनकी रिट अपील अभी खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है।
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