चेन्नई , अक्टूबर 12 -- मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के सीरकाली विधानसभा क्षेत्र से एमडीएमके विधायक सेंथिल सेल्वन की जीत के खिलाफ दायर चुनाव याचिका सोमवार को वापस लिए जाने के बाद खारिज कर दी।
श्री सेंथिल सेल्वन ने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में द्रमुक की अगुआई वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन के तहत एमडीएमके उम्मीदवार के रूप में सीरकाली (सुरक्षित) सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने द्रमुक के 'उगता सूरज' चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरकर 11,417 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
उनकी जीत को चुनौती देते हुए वासु नाम के एक मतदाता ने न्यायालय का रुख किया था। वहीं एमडीएमके के द्रमुक गठबंधन से नाता तोड़ने और सत्तारूढ़ टीवीके से हाथ मिलाने के बाद श्री सेंथिल सेल्वन ने भी एमडीएमके से दूरी बना ली थी।
उन्होंने अपने खिलाफ दायर चुनाव याचिका को खारिज करने की मांग को लेकर अलग याचिका दाखिल की थी। द्रमुक के चुनाव चिह्न पर जीतने के बाद उन्होंने एमडीएमके छोड़कर द्रमुक का दामन थाम लिया था और उसी पार्टी के विधायक बने रहे। याचिकाकर्ता वासु ने इससे पहले ही न्यायालय को मामला वापस लेने के अपने इरादे से अवगत करा दिया था।
न्यायमूर्ति डी भरत चक्रवर्ती के समक्ष आज जब इस मामले पर सुनवाई हुई, तो न्यायालय ने याचिकाकर्ता के अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया।
सामान्य प्रक्रिया के तहत, जब कोई याचिकाकर्ता चुनाव याचिका वापस लेने की मांग करता है तो उच्च न्यायालय आमतौर पर 15 दिन का समय देता है, ताकि आपत्ति दर्ज कराई जा सके या जरूरत पड़ने पर कोई अन्य व्यक्ति उस मामले को आगे बढ़ा सके। तय समय सीमा के भीतर जब श्री सेंथिल सेल्वन की जीत को चुनौती देने या कोई नई चुनाव याचिका दायर करने के लिए कोई आगे नहीं आया तो न्यायालय ने याचिका वापस लिए जाने के बाद मामले को पूरी तरह खारिज कर दिया।
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