मदुरै , अगस्त 13 -- तमिलनाडु में विश्व प्रसिद्ध मदुरै मीनाक्षी सुंदरेश्वरर मंदिर से जुड़े एक ट्रस्ट की लगभग 60 करोड़ रुपये की संपत्ति की गड़बड़ी के एक मामले में तमिलनाडु सरकार ने उपजिलाधिकारी को निलंबित कर दिया है।
अपर मुख्य सचिव/राजस्व प्रशासन आयुक्त द्वारा जारी निलंबन आदेश को मदुरै केंद्रीय जेल में बंद उपजिलाधिकारी अनबलंगन को सौंप दिया गया है। उन्हें मदुरै शहर पुलिस ने गत चार अगस्त को मंदिर प्रशासन की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया था। कुल 1.79 एकड़ की इस कीमती ट्रस्ट संपत्ति को निजी संस्थाओं/व्यक्तियों के नाम अवैध रूप से हस्तांतरित करने के मामले में कुल 19 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, 2016 में मदुरै उत्तर के तहसीलदार के रूप में कार्यरत रहने के दौरान अनबलंगन ने राजस्व अभिलेखों से मंदिर ट्रस्ट के स्वामित्व का ब्योरा कथित तौर पर हटा कर इसका पट्टा नौ अन्य निजी व्यक्तियों के नाम पर कर दिया। जबकि यह संपत्ति सन 1930 की एक 'वसीयत' के अंतर्गत संरक्षित थी। इस वसीयत के अनुसार संपत्ति को केवल पट्टे पर ही दिया जा सकता था और इसके खरीद-बिक्री या हस्तांतरण पर पूरी तरह रोक थी।
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