मुरादाबाद , मई 07 -- उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा को आधुनिक और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मदरसों के पाठ्यक्रम में अब देश के संविधान और कानून की जानकारी शामिल की जाएगी।
जमीयत उलमा-ए-हिंद उत्तर प्रदेश के विधिक सलाहकार और उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता मौलाना सैयद काब रशीदी ने मदरसा छात्रों के लिए 'आइने हिंद' शीर्षक से एक विशेष पुस्तक तैयार की है, जिसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं को देश के कानून और संविधान की बुनियादी जानकारी देकर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई रिसर्चर सलीम बेग ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने आगे कहा कि मदरसा शिक्षा का उद्देश्य हमेशा से विद्यार्थियों को सच्चा मुसलमान बनाने के साथ-साथ एक सच्चा नागरिक बनाना रहा है और स्वतंत्रता आंदोलन में भी इन संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्तमान समय की मांग को देखते हुए पिछले काफ़ी वक्त से यह आवश्यक महसूस किया जा रहा था कि मदरसों के पाठ्यक्रम में संविधान को एक विषय के रूप में शामिल किया जाए ताकि छात्र मुख्यधारा के साथ कदमताल कर सकें।
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