मथुरा , फरवरी 6 -- विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल मथुरा-वृंदावन को वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और नगर निगम ने 'लो एमिशन जोन' (एलईजेड) लागू करने की कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत शहर में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण कर स्वच्छ एवं सुगम यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार होली के बाद मथुरा-वृंदावन में 16 सीटर मिनी इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की तैयारी है। ये बसें वृंदावन की संकरी गलियों में आसानी से संचालित हो सकेंगी तथा कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक होंगी। इससे बांके बिहारी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में राहगीरी फाउंडेशन द्वारा इस योजना का खाका प्रस्तुत किया गया। फाउंडेशन के सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट प्रतीक सेनगुप्ता ने बताया कि 'लो एमिशन जोन' के अंतर्गत निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। सार्वजनिक परिवहन, ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
योजना के तहत पुराने एवं अधिक प्रदूषण फैलाने वाले भारी व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक, सुरक्षित फुटपाथों का निर्माण तथा साइकिल ट्रैक विकसित करने जैसे प्रस्ताव भी शामिल हैं। संबंधित विभागों के सुझावों के आधार पर व्यापक नीति रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को स्वच्छ और जाम-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन का आश्वासन दिया। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने विश्वास जताया कि योजना लागू होने से शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि योजना के सफल क्रियान्वयन से मथुरा-वृंदावन आस्था के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल शहरी प्रबंधन का भी उदाहरण बन सकता है।
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