मथुरा , अप्रैल 08 -- उत्तर प्रदेश में मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों में संचालित फसल कटाई के कार्यों का निरीक्षण किया।

श्री सिंह ने तहसील सदर के ग्राम बाद तथा तारसी में निरीक्षण के दौरान संबंधित राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों से फसल कटाई की प्रक्रिया, पारदर्शिता तथा सटीकता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर/ संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव जे जैन को निर्देशित किया कि फसल कटाई के कार्य पूर्णतः निर्धारित मानकों एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए, जिससे फसल उत्पादन का सही आकलन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फसल कटाई प्रयोग एक वैज्ञानिक पद्धति है जिसका उपयोग किसी क्षेत्र में फसल की वास्तविक उपज का आकलन करने के लिए किया जाता है, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा दावों तथा उत्पादन के आँकड़े तैयार करने का मुख्य आधार भी होता है।

श्री सिंह ने स्वयं जरीब / सर्वेयर चैन/ मीट्रिक चैन (10 मीटर भुजा वाली त्रिभुजाकार जंजीर/ 150 कड़ी) के माध्यम से समबाहु त्रिभुजाकार खेत को मापते हुए फसल कटाई के कार्य को संपादित किया।

गौरतलब है कि जिले में हाल ही में आई तेज़ आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने ग्राम बाद और तारसी में प्रभावित फसलों/ खेतों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्री जैन को निर्देश दिया कि सभी किसानों के फसलों का सर्वे का कार्य पूर्ण पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उक्त कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करते हुए किसानों को मुआवजा देने की कार्रवाई को समय पर किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सर्वे के कार्यों में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आनी चाहिए। जिलाधिकारी ने एक-एक कर खेतों में जाकर फसलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया तथा किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।

श्री सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षति का आकलन शीघ्रता से पारदर्शी ढंग से किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को शासन द्वारा निर्धारित राहत सहायता समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा सके। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता प्रदान कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

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