मथुरा , मई 12 -- अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व मंत्री मनिन्दरजीत सिंह बिट्टा ने मुस्लिम समाज से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि इससे भाईचारे और सौहार्द की नई मिसाल कायम हो सकती है। श्री बिट्टा ने मंगलवार को कहा कि कहा कि बाबर और औरंगजेब जैसे मुगल शासक बाहरी आक्रांता थे, उन्हें मुस्लिम समाज के पीर-पैगम्बर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। छटीकरा मार्ग स्थित ठाकुर श्री प्रियाकान्तजू मंदिर पहुंचे एम.एस. बिट्टा ने मंदिर संस्थापक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज से मुलाकात की। इस दौरान देवकीनंदन महाराज ने उन्हें मंदिर का चित्रपट भेंट कर स्वागत किया।
पत्रकारों से बातचीत में बिट्टा ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण और काशी में ज्ञानवापी मामले में हुई प्रगति के बाद अब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान को अतिक्रमण मुक्त कर भव्य मंदिर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ने चाहिए। उन्होंने कहा कि मुगल आक्रांताओं ने मंदिरों को तोड़कर समाज में विभाजन पैदा किया था। उन्होंने कहा, "मुस्लिम समाज को समझना चाहिए कि बाबर और औरंगजेब बाहरी आक्रमणकारी थे। यदि मुस्लिम भाई स्वेच्छा से मंदिर निर्माण में सहयोग करें तो देश में सौहार्द और एकता का संदेश जाएगा।"इस अवसर पर देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने भी 'सनातन बोर्ड' गठन की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले दान का उपयोग सनातन धर्म, गौसेवा, गुरुकुल, चिकित्सालय और तीर्थस्थलों के विकास के लिए किया जाना चाहिए।
देवकीनंदन महाराज ने मथुरा-वृंदावन सहित सभी प्रमुख तीर्थस्थलों में मांस और मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी उठाई।
कार्यक्रम में सनातन प्रीमियर क्रिकेट लीग के सचिव योगेश शर्मा, रवि रावत, गजेन्द्र सिंह, संदीप शर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
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