मथुरा , सितंबर 21 -- मथुरा में छाता चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर जारी किसान आंदोलन ने एक बार फिर उग्र रूप ले लिया है। रविवार देर रात पुलिस द्वारा धरनास्थल को जबरन खाली कराने और जेसीबी से समतल कराने के बाद सोमवार को क्षेत्र में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में आक्रोशित दर्जन भर से अधिक गांवों के किसान सोमवार दोपहर दोबारा मिल परिसर के बाहर जुटने शुरू हो गए।
रविवार रात पुलिस प्रशासन ने धरनास्थल पर अचानक कार्रवाई करते हुए वहां बैठे आंदोलनकारियों को खदेड़ दिया। पुलिस ने मौके से टेंट, जनरेटर, डीजल और अन्य सामान जब्त कर लिया तथा जेसीबी चलाकर पूरे धरनास्थल को समतल कर दिया। दोबारा धरना शुरू कार्रवाई के बावजूद सोमवार को किसानों के हौसले पस्त नहीं हुए। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी मिल गेट के पिलर पर चढ़ गए और किसानों को संबोधित किया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर रोष जताते हुए शांतिपूर्ण ढंग से दोबारा धरना शुरू करने का ऐलान किया और किसानों से नए सिरे से टेंट व राशन-पानी की व्यवस्था करने की अपील की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूर्व भाजपा जिलाउपाध्यक्ष दिगंबर सिंह चौधरी, पूर्व प्रधान जबर सिंह और शिवराम चौधरी समेत कई प्रमुख नेताओं व प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है। आंदोलन के दौरान एक महिला द्वारा वाल्मीकि समाज के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने चार नामजद समेत लगभग 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात घटनास्थल पर एसडीएम छाता अखिलेश कुमार सिंह, तहसीलदार तथा कई थानों की पुलिस और महिला पुलिस बल मुस्तैद है। एक तरफ जहां किसान दोबारा जुटने पर अड़े हैं, वहीं पुलिस-प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जिससे पूरे इलाके में असमंजस और तनाव का माहौल व्याप्त है।
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