मथुरा , अक्टूबर 20 -- विजयादशमी के अवसर पर चित्रगुप्त पीठ आश्रम में पारंपरिक रूप से शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। हालांकि, इस बार का यह पूजन अन्य वर्षों की तुलना में काफी अलग और विशेष रहा। आश्रम में नियमित शस्त्रों के साथ-साथ हथौड़ों, छैनी, सबल, घन और फावड़ों की भी विशेष पूजा-अर्चना की गई।
चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज जी ने इस अवसर पर बातचीत करते हुए बताया कि हर वर्ष विजयादशमी पर शस्त्र पूजन किया जाता है, लेकिन इस बार इसके पीछे एक बड़ा और विशेष उद्देश्य निहित है। उन्होंने कहा कि सभी समर्थकों और श्रद्धालुओं ने आगामी छह दिसंबर को लेकर एक बड़ा संकल्प लिया है। उनका दावा है कि औरंगजेब के काल में भगवान श्री कृष्ण मंदिर के समीप जो ढांचा निर्मित किया गया था, उसे हटाने का संकल्प लिया गया है।
स्वामी सच्चिदानंद महाराज जी ने शस्त्र पूजन में हथौड़ों और फावड़ों को शामिल करने का कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि आगामी योजना के तहत ढांचा गिराने के लिए बड़े घन, हथौड़े और सबल का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, ढांचा गिराने के बाद जो मलबा और गंदगी इकट्ठा होगी, उसे एकत्रित करने के लिए फावड़ों का पूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि समस्त कारसेवक उस मलबे को हटाकर उचित स्थान तक पहुँचाने का कार्य करेंगे।
इस आयोजन और दिए गए बयानों के बाद क्षेत्र में राजनीतिक व सामाजिक हलचल बढ़ गई है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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