हाजीपुर , मार्च 20 -- बिहार में वैशाली की जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह के निर्देशन में शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य योजना से तालाब मत्स्य विकास एवं जीविकोपार्जन योजनाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री मत्स्यजीवी कल्याण योजना तथा नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना के तहत लाभुकों के बीच विभिन्न सामग्रियों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी अध्यक्षता में चयनित लाभुकों जिनमें मत्स्यजीवी सहयोग समितियों के सदस्य, परंपरागत मछुआरे, मत्स्य पालक एवं निजी क्षेत्र के मत्स्य कृषक शामिल थे, सबको अनुदानित दरों पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए। वहीं मुख्यमंत्री मत्स्यजीवी कल्याण योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत अनुदान पर लाभुकों को ऑटो रिक्शा (ई-रिक्शा) वाहन वितरित किया गया, जिससे मछली के परिवहन एवं विपणन में सुविधा प्राप्त होगी।इसके अतिरिक्त नाव एवं जाल पैकेज योजना के अंतर्गत 90 प्रतिशत अनुदान पर कुल तीन फिशिंग बोट पैकेज तथा 17 जाल पैकेज (कार्टन) का वितरण किया गया।इस पहल से मछुआरों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी तथा वे आधुनिक संसाधनों के माध्यम से अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से मत्स्य उत्पादन कर सकेंगे।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य मत्स्यजीवियों के जीवन स्तर में सुधार लाना, उनकी आय में वृद्धि करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध कराए गए संसाधनों के माध्यम से लाभुक अब स्वच्छ, सुरक्षित एवं हाइजीनिक तरीके से मछली का परिवहन कर सकेंगे, जिससे बाजार तक गुणवत्तापूर्ण मछली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे उपभोक्ताओं को ताजा मछली उचित मूल्य पर उपलब्ध होगी तथा बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी।उन्होंने निर्देश दिया कि सभी लाभुक योजनाओं का समुचित उपयोग करें तथा विभागीय पदाधिकारी नियमित रूप से निगरानी सुनिश्चित करें, जिससे योजनाओं का अपेक्षित लाभ जमीनी स्तर पर प्राप्त हो सके।

कार्यक्रम में उप मत्स्य निदेशक, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर, जिला मत्स्य पदाधिकारी, वैशाली, जिला उद्यान पदाधिकारी, अनुमंडल मत्स्य प्रसार पदाधिकारी, मत्स्य विकास पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में मत्स्य कृषक उपस्थित थे।

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