वाराणसी , जुलाई 18 -- उत्तर प्रदेश सरकार की अमृत सरोवर योजना अब मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय मत्स्य पालकों के लिए आय का नया स्रोत बनकर उभर रही है।

वाराणसी मंडल के चार जिलों वाराणसी, जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर में मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर आवंटित 208 अमृत सरोवरों में 30.96 लाख से अधिक मत्स्य बीज संचय किया गया है। इससे क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।

उप निदेशक मत्स्य सुरेश कुमार ने शनिवार को बताया कि बड़े पैमाने पर मत्स्य बीज संचय किए जाने से आने वाले समय में मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे स्थानीय मत्स्य पालकों की आय बढ़ेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के उद्देश्य से विकसित अमृत सरोवर अब आजीविका के स्थायी साधन के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध ढंग से मत्स्य पालन को प्रोत्साहन मिलता रहा तो वाराणसी मंडल मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सकता है। यह पहल जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में भी प्रभावी साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि मंडल में चंदौली जिले में 90, गाजीपुर में 47, वाराणसी में 41 तथा जौनपुर में 30 अमृत सरोवर मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर आवंटित किए गए हैं। इन 208 अमृत सरोवरों का कुल क्षेत्रफल 236.68 हेक्टेयर है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित