हमीरपुर , सितंबर 16 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना और बेतवा नदी में मत्स्य आखेट के लिए हाल में किए गए पट्टों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पट्टों के अनुमोदन में अनियमितता की शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, पट्टों का अनुमोदन नहीं होने के कारण मछली पकड़ने को लेकर मछुआरों के बीच आए दिन विवाद की स्थिति बनी हुई है।

सूत्रों के अनुसार, जिले में हाल में यमुना नदी में 10 और बेतवा नदी में चार मत्स्य आखेट पट्टे किए गए थे। मत्स्यजीवी सहकारी समिति के संचालक प्रेमचंद्र निषाद और हरिहर निषाद ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि मत्स्य पट्टे शासनादेश के अनुरूप नहीं किए गए हैं। उनका आरोप है कि इससे राजस्व की क्षति के साथ ही क्षेत्र में संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

मछुआरा समुदाय के लोगों ने इस संबंध में मंडलायुक्त से भी लिखित शिकायत की थी। इसके बाद जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने एसडीएम पैगाम हैदर और अपर जिलाधिकारी (वित्त) को जांच अधिकारी नामित किया है। अधिकारियों के अनुसार शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और दो-तीन दिन में जांच पूरी होने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, नदी की जलधारा के कुछ हिस्सों में मत्स्य विभाग द्वारा नियमानुसार पट्टे नहीं किए जाने की भी शिकायत सामने आई है। पट्टों का अनुमोदन नहीं होने तथा कुछ लोगों द्वारा अपने पक्ष में किए गए पट्टों को मान्य बताने के कारण मछली पकड़ने को लेकर विवाद बढ़ रहे हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर मारपीट की घटनाएं भी हुई हैं।

मंगलवार को मनकी कला गांव के सीताराम, संतराम, बाबू सिंह, जितेंद्र, रामनारायण, हीरालाल और राजबंती समेत ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री रामकेश निषाद से शिकायत की कि गांव के कुछ दबंग लोग उन्हें मछली पकड़ने से रोकते हैं और मारपीट करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ लोगों को चोटें भी आई हैं।

प्रभारी मंत्री ने मामले में पुलिस से कार्रवाई कर विवाद का समाधान कराने को कहा, ताकि क्षेत्र में किसी प्रकार का गंभीर संघर्ष न हो।

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