ठाकुरनगर , नवंबर 1 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को मतुआ समुदाय के लोगों को भरोसा दिलाया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत लंबित सभी आवेदनों का निपटारा 31 दिसंबर तक कर दिया जाएगा और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों को प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
उन्होंने ठाकुरनगर के लिए कई पहलों की घोषणा की, जिनमें एक अलग नगरपालिका, मतुआ तीर्थ केंद्र में एक नया मंदिर और वार्षिक 'बारुनी मेला' को 'राष्ट्रीय मेला' का दर्जा देना शामिल है। श्री अधिकारी ने उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में 'गोसाईं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन' को संबोधित करते हुए सुश्री ममता बनर्जी पर सीएए को लेकर मतुआ समुदाय को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के विरोध के कारण पश्चिम बंगाल में पात्र आवेदकों को नागरिकता देने की प्रक्रिया में देरी हुई।
श्री अधिकारी ने सुश्री बनर्जी की ओर इशारा करते हुए कहा, "जिन लोगों ने अपने धर्म की रक्षा के लिए सीएए के तहत भारत में शरण ली, उन्हें नागरिकता मिल गई है। एक व्यक्ति ऐसा था जिसने इसका विरोध किया था। आज आपके साथ हुए अन्याय के कारण लोगों ने लोकतांत्रिक तरीके से उसे सत्ता से हटा दिया है। मैंने उसे दो बार हराया है।"मुख्यमंत्री ने समुदाय को आश्वस्त करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र मतुआ परिवार नागरिकता से वंचित न रहे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सिलीगुड़ी में हुई तीन दिवसीय बैठकों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों को सीएए लागू करने के लिए जरूरी अधिकार दे दिए हैं।
उन्होंने कहा, "यह आपकी सरकार है। 70 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां मतुआ समुदाय ने हमारे प्रतिनिधियों को चुना है। आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम 31 दिसंबर तक सुनवाई पूरी कर लेंगे और सभी पात्र लोगों को सीएए प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे।"श्री अधिकारी ने मतदाता सूची में नये नागरिकों के नाम शामिल करने को लेकर जताई गई चिंताओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनवरी में चुनाव आयोग से संपर्क करेगी, ताकि सीएए प्रमाणपत्र धारकों का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके। उन्होंने समुदाय को यह भी भरोसा दिलाया कि पात्र लाभार्थियों को अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
श्री अधिकारी ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मतुआ समुदाय की 25 से 60 वर्ष की आयु वाली महिलाओं को सीएए प्रमाणपत्र मिलने के बाद 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने पात्र परिवारों को राज्य की स्वास्थ्य बीमा कवरेज और 'आयुष्मान भारत' कार्ड दिलाने में मदद करने का भी वादा किया।
मुख्यमंत्री ने योजनाओं को ठीक से लागू करने के लिए घोषणा की कि मुख्यमंत्री कार्यालय में एक अधिकारी तैनात किया जाएगा, जो आवेदनों की निगरानी करेगा और सरकारी लाभों के वितरण में समन्वय करेगा।
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