सोलापुर , अक्टूबर 18 -- महाराष्ट्र के मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता चंद्रकांत पाटिल ने रविवार को दावा किया कि उनकी पार्टी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) या मतपत्र, किसी भी माध्यम से चुनाव होने पर जीत हासिल करेगी।

श्री पाटिल ने विपक्ष पर चुनावी हार के लिए चुनावी व्यवस्था को दोष देने का आरोप लगाया। उन्होंने विधान परिषद के पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों के लिए सोलापुर में प्रचार करते हुए कहा, "चुनाव ईवीएम से हों या मतपत्रों से, हम जीतेंगे।"विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने मराठी कहावत 'नाचता येईना अंगण वाकडे' का उल्लेख किया, जिसका अर्थ है कि अपनी अक्षमता के लिए परिस्थितियों को दोष देना।

हाल के छात्र संघ चुनावों के नतीजों का हवाला देते हुए पाटिल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय में हाल ही में मतपत्रों से हुए चुनावों में चार में से तीन सीटों पर जीत हासिल की थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि एबीवीपी ने ओडिशा में हुए सभी छह विश्वविद्यालयों के चुनावों में जीत दर्ज की थी।

आगामी चुनावों का जिक्र करते हुए श्री पाटिल ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी 27 अक्टूबर को अपनी ताकत दिखाएंगे। उन्होंने दावा किया कि ईवीएम के बजाय मतपत्रों से चुनाव होने पर भी नतीजे उनके पक्ष में ही आएंगे।

पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप का समर्थन करने के शिवसेना के फैसले पर टिप्पणी करते हुए पाटिल ने स्वीकार किया कि यह कदम महायुति गठबंधन के लिए एक झटका है। उन्होंने कहा, "शिवसेना का सचिन सानप को समर्थन देना निश्चित रूप से बुरी खबर है। हालांकि, अभी दो दिन बाकी हैं और मुझे उम्मीद है कि इस दौरान कुछ सकारात्मक होगा।"इस फैसले के असर को लेकर अनिश्चितता जताते हुए श्री पाटिल ने कहा कि स्थिति ऐसी हो गयी है कि तत्काल बहुत कुछ नहीं किया जा सकता। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में घटनाक्रम किस दिशा में आगे बढ़ता है।

उन्होंने महायुति के नेताओं और कार्यकर्ताओं से गठबंधन के सहयोगी दलों की आलोचना करने से बचने की भी अपील की। उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर समन्वय और एकता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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