मुंबई , सितंबर 22 -- महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से सूची में हटाने के लिए चिन्हित मतदाताओं का विवरण विधानसभा और बूथ वार सार्वजनिक करने की मांग की है।
श्री सपकाल के नेतृत्व में एक कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात की और मतदाता सूची संशोधन को लेकर अपनी चिंताएं दर्ज कराईं। इस प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य और पूर्व मंत्री नसीम खान, कांग्रेस विधानमंडल दल के उपनेता अमीन पटेल, विधायक भाई जगताप सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।
बैठक के बाद श्री सपकाल ने संवाददाताओं के समक्ष दावा किया कि महाराष्ट्र में पहले लगभग 9.78 करोड़ मतदाता दर्ज थे, लेकिन एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 3.28 करोड़ नामों को बाहर कर दिया गया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए इस प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की। श्री सपकाल ने यह भी मांग की कि 'संदेहास्पद' या 'सत्यापन योग्य' श्रेणी में रखे गए सभी मतदाताओं का ब्योरा निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर विधानसभा और बूथ वार सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 1.22 करोड़ 'असंगत' मतदाताओं को नोटिस तक नहीं भेजे गए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावों और आपत्तियों के लिए निर्धारित 31 अगस्त से 30 सितंबर की समय सीमा को आगामी त्योहारों के मद्देनजर तीन महीने बढ़ाने का अनुरोध किया। इसके अलावा, उन्होंने मतदाता संख्या में विसंगतियों और 'वोट चोरी' के आरोपों पर आयोग से स्पष्टीकरण मांगा।
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