लखनऊ , अक्टूबर 19 -- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने दोहरी प्रविष्टियों के मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने सोमवार को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मतदाता सूची में मौजूद दोहरी प्रविष्टियों को नियमानुसार हटाने और आगामी 24 अक्टूबर को होने वाले विशेष अभियान दिवस की तैयारियों की समीक्षा की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में श्री रिणवा ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक ही मतदाता द्वारा एक से अधिक आवेदन प्रस्तुत किए जाने के कारण मतदाता सूची में दर्ज हुई दोहरी प्रविष्टियों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से ऐसे मतदाताओं को चिन्हित किया जाए और नियमानुसार फार्म-7 भरवाकर दोहरी प्रविष्टियों से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने बीएलओ सुपरवाइजरों को नियमित निगरानी करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) को इस पूरी प्रक्रिया की प्रभावी समीक्षा कर समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने को कहा गया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 12 नवंबर को प्रकाशित होने वाली आलेख्य मतदाता सूची को हर स्तर पर शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए दोहरी प्रविष्टियों से संबंधित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार निस्तारण किया जाए।

इसके साथ ही ईआरओनेट में किए गए आवश्यक अपडेट और प्रक्रियागत बदलावों की जानकारी बीएलओ को उपलब्ध कराने तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि मतदाता सूची से संबंधित सभी कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप किए जा सकें।

बैठक में आगामी 24 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले विशेष अभियान दिवस को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में अभी भी कई पात्र नागरिकों के नाम शामिल होने से छूट गए हैं। ऐसे नागरिकों को जागरूक कर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष अभियान दिवस को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं, बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए), सभासदों, ग्राम प्रधानों और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। विशेष अभियान के दौरान उन पात्र नागरिकों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है। इसके अलावा पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को अभियान से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

महिलाओं और दिव्यांगजनों समेत सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य एक ओर मतदाता सूची से दोहरी एवं अनावश्यक प्रविष्टियों को हटाकर सूची को शुद्ध करना है, वहीं दूसरी ओर किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए, यह सुनिश्चित करना है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दोनों स्तरों पर गंभीरता और समयबद्धता के साथ कार्य करते हुए आगामी आलेख्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाया जाए।

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