लखनऊ , अक्टूबर 17 -- समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा राजनीतिक दलों के साथ आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण आपत्तियां और सुझाव रखे। पार्टी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के औचित्य पर सवाल उठाते हुए इसे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) में विलय कर केवल एक अभियान चलाने की मांग की है।
समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया कि पहले प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों में 1,77,516 बूथों पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान करीब 166 दिनों यानी साढ़े पांच महीने तक चलाया गया। पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस प्रक्रिया के समाप्त होने के कुछ ही समय बाद 5 अक्टूबर से एक माह के लिए मतदाता सूची को लेकर विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसी बीच 12 नवंबर से एक माह के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है।
सपा ने बैठक में कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं और नए मतदाता बनने के इच्छुक लोगों को जटिल एवं कठिन नियमों का पालन करना पड़ा। पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि अब एसआईआर प्रक्रिया में अपनाए गए नियमों को प्रभावी नहीं रखा जाना है और नया विशेष अभियान चलाया जाना है, तो अलग-अलग अभियानों की आवश्यकता क्या है।
पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची के दो अलग-अलग अभियानों के बजाय वर्तमान विशेष अभियान को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण में ही विलय कर दिया जाना चाहिए। सपा ने मांग की कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए केवल एक समन्वित एसएसआर अभियान चलाया जाए, जिससे मतदाताओं और राजनीतिक दलों के सामने अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में समाजवादी पार्टी (सपा) ने मतदाता सूची की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी कई मांगें रखीं। पार्टी ने विधानसभा-वार बूथ लेवल ऑफिसर के नाम और मोबाइल नंबर की सूची संबंधित बूथ लेवल एजेंट अथवा राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके अलावा पार्टी ने कहा कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा प्राप्त होने वाले फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 की जानकारी प्रतिदिन नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जानी चाहिए और इसे कम से कम एक सप्ताह तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखा जाए।
सपा ने यह भी मांग की कि बीएलओ द्वारा चिन्हित मतदाताओं तथा प्राप्त प्रपत्रों के आधार पर तैयार की गई सूची प्रत्येक सप्ताह राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाए।
समाजवादी पार्टी ने बैठक में आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जुड़े इस तरह के विशेष अभियान का उद्देश्य निष्पक्ष प्रक्रिया के बजाय सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाना है। पार्टी ने निर्वाचन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और राजनीतिक दलों को नियमित जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ हुई बैठक में समाजवादी पार्टी की ओर से के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह ने पार्टी का पक्ष रखा।
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