रांची , मार्च 13 -- झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए कोई स्थान नहीं है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा गहन पुनरीक्षण के लिए प्रत्येक बिंदु अधिनियमों में वर्णित है। पदाधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी कार्य अथवा निर्णय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देशित किए गए स्थापित अधिनियमों के अनुसार ही करें। श्री कुमार शुक्रवार को निर्वाचन सदन से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
श्री कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के समय एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ एवं डुप्लीकेट की सूची अलग से प्रकाशित की जाएगी। इस सूची को डिजिटलाइज्ड करने का कार्य ससमय पूरा करें। एएसडीडी सूची को संबंधित मतदान केंद्र के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट से सत्यापित कराना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में जिला स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण पूर्व तैयारियों के अद्यतन स्थिति एवं समन्वय के लिए बैठक अवश्य कर लें।
श्री कुमार ने कहा कि एक भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छुटे नहीं इसे लक्ष्य के साथ कार्य करना है। उन्होंने कहा कि बीएलओ घर घर जाने के क्रम में उस घर के मुखिया एवं उस घर में रह रहे सदस्यों की भी एक सूची बना लें जिससे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में सहायता प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि वैसे मकान जिनका मकान संख्या नहीं है उसे नोशनल नंबर देकर चिन्हित करें। जिससे एक मकान में रह रहे मतदाताओं का मतदान केंद्र एक ही स्थान पर रहे।
श्री कुमार ने कहा कि बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजर की ट्रेनिंग ससमय करा लें। ट्रेनिंग के दौरान इसीनेट के माध्यम से बीएलओ से संपर्क करने के "बुक ए कॉल" फीचर की पूरी जानकारी दें साथ ही इसपर मतदाताओं के द्वारा किए गए सवालों एवं शिकायतों का त्वरित रूप से निष्पादन करें।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित निर्वाचन से संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
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