मुंबई , नवंबर 01 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता शरद पवार ने शनिवार को "सत्याचार मोर्चा" के लिए एकत्रित कार्यकर्ताओं से राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर मतदान के लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा करने का आग्रह किया और कहा कि मतदाता धोखाधड़ी को रोकना सभी का कर्तव्य है।
श्री पवार ने कहा कि हाल के राज्य विधानसभा चुनावों में हुई अनियमितताओं ने संसदीय लोकतंत्र में जनता के विश्वास को हिला दिया है और व्यापक बेचैनी पैदा की है। उन्होंने ज़ोर दिया कि लोकतंत्र में विश्वास बनाए रखने और संवैधानिक रूप से प्राप्त मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए, लोगों को संगठित होना चाहिए और किसी भी कीमत पर संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।
श्री उद्धव ठाकरे ने रैली को सर्वदलीय एकता की याद दिलाने वाला बताया और इस सभा की तुलना संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन की भावना से की। उन्होंने चेतावनी दी कि वोट चोरी के कथित रूप संविधान के लिए खतरा हैं और इन्हें लोकतंत्र पर हमले के समान बताया। उन्होंने मतदाताओं से मतदाता सूची में अपने नाम और पते की जाँच करने और किसी भी अनधिकृत प्रविष्टि की जाँच करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज के मार्च में उमड़ी भीड़ सिर्फ़ एक चिंगारी है, लेकिन वोट चुराने वालों के ख़िलाफ़ एक बड़े आंदोलन को भड़काने में सक्षम है। सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ, अदालत में मतदाता सूचियों में सुधार की मांग को लेकर क़ानूनी कार्रवाई भी चल रही है।
श्री ठाकरे ने मतदाताओं के गुस्से को दिल्ली तक पहुँचने का आह्वान किया और पूछा कि त्रुटिपूर्ण सूचियों में सुधार (जिसे कथित तौर पर कुछ सत्ताधारी समूहों ने भी स्वीकार किया है) बाधित क्यों किया जा रहा है। उन्होंने त्रुटिपूर्ण सूचियों पर चुनाव कराने की जल्दबाज़ी पर सवाल उठाया और तर्क दिया कि स्थानीय निकाय चुनावों को एक साल के लिए टालने में कोई बुराई नहीं है ताकि सूचियों को सही किया जा सके और पारदर्शी बनाया जा सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित