इंफाल , फरवरी 27 -- प्रवासी पक्षियों के अध्ययन के लिए ट्रैक किये जा रहे तीन अमूर फाल्कन पक्षी मणिपुर से सफलतापूर्वक दक्षिण अफ्रीका पहुंच गये हैं और सुरक्षित तथा स्वस्थ हैं।

मणिपुर अमूर फाल्कन ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के तहत, आठ नवंबर 2025 को इन पक्षियों को सैटेलाइट ट्रांसमीटर के साथ टैग किया गया था। उल्लेखनीय है कि मणिपुर वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा चल रहे सैटेलाइट-आधारित प्रवास अध्ययन के हिस्से के रूप में इन पक्षियों को तामेंगलोंग जिले के चिउलुआन बसेरा स्थल में टैग करने के बाद छोड़ दिया गया था।

तामेंगलोंग जिले के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी कि आहू, अपापंग और अलंग नाम के तीनों पक्षी अफ्रीका में अपने प्रवास में सुरक्षित हैं और सफलता पूर्वक आवाजाही कर रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, टैग किए गए ये पक्षी लगभग नौ से दस दिनों के रिकॉर्ड समय में अफ्रीका पहुँच गए, जो इस प्रजाति की उल्लेखनीय लंबी दूरी की प्रवास क्षमता को प्रदर्शित करता है।

भारतीय वन्यजीव संस्थान के डॉ. आर. सुरेश कुमार ने बताया कि तीनों फाल्कन वर्तमान में सक्रिय हैं और अपने शीतकालीन आवासों में बेहतर स्थिति में हैं। हालांकि पहले आहू की आवाजाही के पैटर्न को लेकर चिंताएं थीं, लेकिन हालिया सैटेलाइट डेटा पुष्टि करता है कि पक्षी सुरक्षित है और सोमालिया के भीतर आवाजाही कर रहा है।

नवीनतम ट्रैकिंग सूचना के अनुसार, आहू वर्तमान में सोमालिया में है, अपापंग जिम्बाब्वे में है और अलंग बोत्सवाना में है। अधिकारियों ने उल्लेख किया कि पिछले शीतकालीन चक्र के दौरान, एक अन्य टैग किए गए पक्षी, चिउलुआन-2 ने 14 अप्रैल, 2025 को अपने प्रजनन स्थलों की ओर उत्तर की ओर प्रवास शुरू किया था।

शोधकर्ता इन तीनों पक्षियों की वापसी यात्रा का दस्तावेजीकरण करने और उनकी अंतरमहाद्वीपीय यात्रा पर और अधिक वैज्ञानिक सूचना एकत्र करने के लिए उनकी निगरानी जारी रखेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित