इंफाल , अप्रैल 28 -- मणिपुर सरकार के गृह विभाग ने राज्य में जारी तनाव और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर प्रिंंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी का मुख्य मकसद भ्रामक खबरों के प्रसार को रोकना और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना है।

प्रशासन ने दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ये आदेश सोमवार देर रात आयुक्त (गृह) एन. अशोक कुमार ने जारी किए। राज्य सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 का हवाला देते हुए डिजिटल प्रकाशकों के कानूनी दायित्वों पर जोर दिया कि वे गैर-कानूनी और भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकें।

सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म और मध्यवर्तियों को सामग्री प्रकाशित करने या प्रसारित करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। इसमें कहा गया है कि उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि झूठी, भ्रामक या बिना पुष्टि वाली जानकारी, विशेष रूप से कानून और व्यवस्था से संबंधित भ्रामक जानकारी प्रसारित न हो।

प्लेटफॉर्मों को प्रतिबंधित या अनाधिकृत संगठनों से आने वाली सामग्री को प्रकाशित करने या उसे बढ़ावा देने से मना किया गया है, इसमें बंद का आह्वान, धमकियां या अशांति फैलाने वाली गतिविधियां शामिल हैं। ऐसी सामग्री का पता चलने पर उसे हटाने या उस तक पहुंच को बंद करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

डिजिटल प्रकाशकों को गलत जानकारी, डीपफेक, किसी और का रूप धारण करने और छेड़छाड़ की गई मीडिया सामग्री के प्रसार को रोकना होगा। इसमें यह भी निर्देश दिया गया है कि प्लेटफॉर्म उभरते नियमों के अनुरूप बनावटी या बदली हुई सामग्री की पहचान करने और उसे लेबल करने के लिए कुछ नियम लागू करें।

समाचार प्रकाशकों को सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत आचार संहिता का पालन करना आवश्यक है, ताकि सटीकता, निष्पक्षता और जिम्मेदार रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो सके। यह एडवाइजरी मानहानिकारक या जानबूझकर झूठी सामग्री को प्रतिबंधित करती है और देश की संप्रभुता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था के प्रति सम्मान रखने का आह्वान करती है।

मीडिया संस्थानों को ऐसी सनसनीखेज, भड़काऊ या उत्तेजक सामग्री प्रकाशित करने से बचने का निर्देश दिया गया है, जिससे हिंसा भड़क सकती है या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है। सुर्खियां, थंबनेल और कैप्शन जिम्मेदार होने चाहिए और भ्रामक नहीं होने चाहिए।

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